इस प्रार्थना में, यीशु बताते हैं कि प्रार्थना क्या है, यह क्यों मदद करती है, हमें कहाँ कठिनाई होती है, और इसका अभ्यास कैसे करें। यह आपका ध्यान परमेश्वर के नाम और राज्य पर केंद्रित करती है, फिर दैनिक ज़रूरतों, दया, म ार्गदर्शन और सुरक्षा, इन सब पर केंद्रित होती है।